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माँ का दूध

माँ का दूध होता सिर्फ सन्तान वास्ते ही  घर का सदस्य कोई बाँट नहीं सकता। माँ  नहीं जहां में कोई और माँ न हो सकेगी  माँ के रिक्ति को न कोई व्यक्ति  पाट सकता।  माँ का दूध अमृत होता लोक शास्त्र कहे  इस सद् उक्ति को न कोई काट सकता।  टेस्ट के बतौर कोई ऊँगली से लेके उसे  कहीं पर कोई कभी चाट नहीं सकता। चाय बन  सकती न दही जम सकती   न मंगनी में   कोई भी पड़ोसी मांग सकता |   कोई लाख चाहे पर उसे नहीं दुह सके  और कभी छींके पर नहीं टांग सकता |  ज़रा न हिला सकेगा पानी न मिला सकेगा  गाय भैंस जैसे उन्हें नहीं छान सकता | छोटे भाई बहिना भले ही मारा मारी करें  किन्तु कोई बाप पिये नहीं मान सकता |