संदेश

मई, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कहो कहाँ तुम भागोगे

कहो कहाँ तुम भागोगे।      सत्ता लोलुप भूल गये सब राष्ट्र धर्म का  नाता  जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता। जिस सपने के खातिर झूले भगत सिंह थे फ़ाँसी लक्ष्मीबाई जूझ मरी इतिहास हो गया झाँसी। चला गया आजाद दिया जिसने हमको आजादी उसकी लाशों पर बैठे हम देख रहे बर्बादी। हम हैं कश्मीरी हिन्दु मत पूछो क्या क्या बीता वेद रामायण छीन लिये औ फूक दिये सब गीता। धन दौलत हम छोड़ के भागे लाज़ न बचने पायी   बहन बेटियां जहर खा गई मांग  न सजने पायी।  अब भी अगर नहीं जागे तो बोलो कब तुम जागोगे अगर यहाँ कश्मीर हो गया कहो कहाँ तुम भागोगे।     

लाहौर लुट जायेगा

              लाहौर लुट  जायेगा शान्ति का पुजारी ये रहा है सदा देश मेरा  आज भी सभी को शान्ति पाठ ही  पढाता है।  विश्व में हो शान्ति सभी फले फ़ूले सुखी रहेँ  विश्व वन्धु वन्धुता का  गीत ही कढ़ाता है।  सागर पखार रहा पग आदि काल से है  तेजपुंज हिम मौर शान को बढ़ाता  है।  आन बान मान  शान  का जो कभी प्रश्न आये  देशलिए बच्चा बच्चा शीश को चढ़ाता है .  . हो शरीफ़ तो शरीफ़ ही सदा बने रहो  रोज रोज काटना चिकोटी अब छोड़ दो।   कुत्सित कुभावना से युक्त कुविचार जो है  काली करतूतों की कड़ी को तुम तोड़ दो।  देश सिर मौर काश्मीर मेँ  जो उग्रवाद रोज रोज उसको बढ़ावा देना छोड़ दो।  पाक है तो पाक ही बना रहे सदैव और  खुद से भरा हुआ नापाक घट  फ़ोड़ दो।  अन्यथा सहिष्णुता की सीमा यदि पार  हुई भाईचारे वाला यह हाथ उठ जायेगा।  तोप टैंक तेरे सब धरे के धरे रहेंगे और तेरा पाक ये पुनः टूट  जायेगा।  युद्ध का बिगुल...