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संक्षिप्त - परिचय
नाम- डॉ.उमाशंकर चतुर्वेदी 'कंचन'
पिता- स्व0 रामचंद्र चतुर्वेदी
माता- स्व0 भगवती देवी
जन्मतिथि- १/३/१९५८
जन्मस्थान- नेमदांड, मऊ (उत्तर प्रदेश)
शिक्षा- नव्य व्याकरण आचार्य , साहित्यरत्न,विद्या वारिधि
सम्प्रति- व्याकरण-प्रवक्ता, श्री आदर्श सेवा संस्कृत विद्यालय,ईश्वरगंगी,वाराणसी -१
प्रकाशित कृतियाँ- नयी लकीरें,मृग तृष्णा,देवी माँ,सुहागिन (कहानी संग्रह) रंग के छींटे (कविता संग्रह) स्वर आज दिया तुमने (मुक्तक संग्रह) स्वर व्यंजन (बाल कविता संग्रह) हिंदी (प्रशस्तिकाव्य) गंगा (खंडकाव्य) सहजनिबंध (निबंध सग्रह) छल गया मै (मुक्तक संग्रह)
आत्मकथ्य- मन की अटल गहराइयों में बैठे उस कवी ह्रदय को जिसे आज तक पहचान नहीं पाया,जब समाज के क्रूर ठीकेदारों द्वारा आचरित आचरणों से ठेस लगती है तो कंचन कर कलम पकड़ने को बाध्य हो जाता है और कुछ न कुछ लिखने लगता है, या यूँ कहिये कि कागज काला करने लग जाता है और बाद में उसे ही सहृदय गण पढने के बाद कहानी या कविता कहने लग जाते हैं। कभी - कभी क्या प्रायः ऐसा लगता है कि यह समाज मेरे लायक नहीं है या मैं ही इस समाज के लायक।
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