कौन किससे प्रथम रूठा
कौन किससे प्रथम रूठा
गीत को संगीत में तुम बाँधकर कर दो अनूठा ।
देख करके छवि तुम्हारी
होश खो तारे पड़े हैं
मुग्ध होकर भाव विह्वल
कवि अथक हारे पड़े हैं
गीत को तुम प्रीत पूर्वक निज अधर से कर दो जूठा ।
गीत को संगीत में तुम बाँधकर कर दो अनूठा । ।
मन लुभाने के लिए
साधन यहाँ कितने बने हैं
फूल पाती तरु लता -
जलजात ये जितने घने हैं ।
देखने पर सत्य तुम , लगता है यह संसार झूठा ।
गीत को संगीत में तुम बाँधकर कर दो अनूठा । ।
मधुर अनुपम राग से
अनुराग की पीयूष धारा
कर प्रवाहित चिद्गमन में
सींच दो चेतन हमारा ।
प्रीत तेरी मृदुलता जीवन हमारा वृक्ष ठूँठा ।
गीत को संगीत में तुम बाँधकर कर दो अनूठा । ।
गीत यह प्रत्यक्ष मेरे
प्रेम की तस्वीर है
नयनशर से विध्द मेरे
चित्त की मृदुपीर है ।
तुम मुझे बस यह बता दो कौन किससे प्रथम रूठा ।
गीत को संगीत में तुम बाँधकर कर दो अनूठा । ।
देख करके छवि तुम्हारी
जवाब देंहटाएंहोश खो तारे पड़े हैं
मुग्ध होकर भाव विह्वल
कवि अथक हारे पड़े हैं
अद्भुत काव्य-सौन्दर्य और भाव चित्रण
गीत को संगीत में तुम बाँधकर कर दो अनूठा
जवाब देंहटाएंगीत की पंक्तियाँ
प्रभावित करती हैं ....
भावनाएं स्वयं मुखुर हो रही हैं
और,, ये प्रयोग... अनूठा ही लगा ,,,
"गीत को तुम प्रीत पूर्वक निज अधर से कर दो जूठा"
आपकी स्नेह पूरित प्रतिक्रिया की आभारी हूँ. आपकी भाषा पर पकड प्रभावशाली है अच्छा है कुछ सीखने को मिलेगा. हिंदी मेरा विषय नहीं है इसलिए भाषा का बहुत ज्ञान नहीं है बस अपने मन की बात कह
जवाब देंहटाएंलेती हूँ
"गीत को तुम प्रीत पूर्वक निज अधर से कर दो जूठा
गीत को संगीत में तुम बाँधकर कर दो अनूठा "। ।
प्रेम की गहन अनुभूति