खजुराहो में सपत्निक डा .उमाशंकर चतुर्वेदी 'कंचन '

टिप्पणियाँ

  1. यह घटना कब घटी? मेरा मतलब खजुराहो कब पहुँच गये? पहाड़ की चोटी से उतरे तो हजूर, खजुर..आहो में आ गये!

    जवाब देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट