दो दोहे

बाधाओं से जूझकर       जो करता संघर्ष 
वह निश्चित ही एक दिन पा  लेता उत्कर्ष . 

मनसा वाचा कर्मणा जो भी करता पाप 
वह अपने ही चाल से     पाता है संताप .

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