गाँव हमारा शहर हो गया
गाँव हमारा शहर हो गया .
सुन्दर सुन्दर बाग़ कट गये
नहर कूप तालाब पट गाये
आपस के भाई चारे के -
जाने कैसे भाव घट गए
आरक्षण की राजनीति में जात-पात का जहर बो गया .
गाँव हमारा शहर हो गया .
दूध दही का लोप हो गया
जाने किसका कोप हो गया
डाँटी सास बहू को तो फिर -
समझो गोला तोप हो गया
सम्बन्धों का ताना -बाना आपे से ही बहर हो गया
गाँव हमारा शहर हो गया
भयवद्दी का भात नहीं है
जनवासा बारात नहीं है
दरवाजे खटिया पर सोये -
अब वैसी अवकात नहीं है
राग द्वेष के खींच तान में - कुछ ऐसा माहौल हो गया
गाँव हमारा शहर हो गया
अब कोई कोल्हाड़ नहीं है
भड़भूजे का भाड़ नहीं है
सुबह शाम औरतें जा सकें -
ऐसा जंगल झाड़ नहीं है .
पटवारी की पत्रावलि में जाने कैसे कहाँ खो गया
गाँव हमारा शहर हो गया
लोगों में वह भाव नहीं है
पहले जैसा चाव नहीं है
दिल में दर्द उठा करता है -
यद्यपि दिल में घाव नहीं है
ऊषा बेला में ही तीखे धूपों वाला प्रहर हो गया
गाँव हमारा शहर हो गया
अधनंगी लड़की दिखती हैं
मोबाइल पर खत लिखती हैं
वृद्धजनों के माप दण्ड पर-
एक मिनट भी ना टिकती हैं
दो पीढ़ी के अंतराल में फैशन का ये कहर हो गया
गाँव हमारा शहर हो गया
सुन्दर सुन्दर बाग़ कट गये
नहर कूप तालाब पट गाये
आपस के भाई चारे के -
जाने कैसे भाव घट गए
आरक्षण की राजनीति में जात-पात का जहर बो गया .
गाँव हमारा शहर हो गया .
दूध दही का लोप हो गया
जाने किसका कोप हो गया
डाँटी सास बहू को तो फिर -
समझो गोला तोप हो गया
सम्बन्धों का ताना -बाना आपे से ही बहर हो गया
गाँव हमारा शहर हो गया
भयवद्दी का भात नहीं है
जनवासा बारात नहीं है
दरवाजे खटिया पर सोये -
अब वैसी अवकात नहीं है
राग द्वेष के खींच तान में - कुछ ऐसा माहौल हो गया
गाँव हमारा शहर हो गया
अब कोई कोल्हाड़ नहीं है
भड़भूजे का भाड़ नहीं है
सुबह शाम औरतें जा सकें -
ऐसा जंगल झाड़ नहीं है .
पटवारी की पत्रावलि में जाने कैसे कहाँ खो गया
गाँव हमारा शहर हो गया
लोगों में वह भाव नहीं है
पहले जैसा चाव नहीं है
दिल में दर्द उठा करता है -
यद्यपि दिल में घाव नहीं है
ऊषा बेला में ही तीखे धूपों वाला प्रहर हो गया
गाँव हमारा शहर हो गया
अधनंगी लड़की दिखती हैं
मोबाइल पर खत लिखती हैं
वृद्धजनों के माप दण्ड पर-
एक मिनट भी ना टिकती हैं
दो पीढ़ी के अंतराल में फैशन का ये कहर हो गया
गाँव हमारा शहर हो गया
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