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तिरुपति बालाजी के आस -पास

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सभी चित्र तिरुपति बालाजी के आस -पास के  

दो दोहे

बाधाओं से जूझकर       जो करता संघर्ष  वह निश्चित ही एक दिन पा  लेता उत्कर्ष .  मनसा वाचा कर्मणा जो भी करता पाप  वह अपने ही चाल से     पाता है संताप .
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पांडिचेरी में सपत्निक डाक्टर कंचन 
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 तिरुपति बालाजी में डाक्टर सविता चतुर्वेदी के साथ कंचनजी   तिरुमला की पहाड़ी पर डाक्टर कंचन एवं सविता    तिरुमला की पहाड़ी पर डाक्टर कंचन एवं सविता व पुत्री अनुरंजिका   तिरुपति  बालाजी में कंचन   चेन्नई में परिवार सहित डाक्टर कंचन 

तीन दोहे

दर्पण के हो सामने जैसे कोई सूर . वैसे विधवा माँग से दूर बहुत सिंदूर .. अमराई में अब नहीं पहले जैसा छाँव  बात -बात में काटने दौ ड़ रहा है  गाँव   रिश्ते अब मरने लगे टूट रहे सम्बन्ध  पैसों से ही हो रहा रिश्तों का अनुबन्ध